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Tuesday, July 22, 2025
संत मलूकदास: निर्भय भक्ति के स्वर
🕊️ संत मलूकदास: निर्भय भक्ति के स्वर " मलूक कहै नर जानिए , जो मन ते मन को मारै। भक्ति भरी जब वाणी बोले , तब स…
🕊️ संत मलूकदास: निर्भय भक्ति के स्वर " मलूक कहै नर जानिए , जो मन ते मन को मारै। भक्ति भरी जब वाणी बोले , तब स…