क्या आप जानते हैं? भगवान शिव की 5 रहस्यमयी पुत्रियाँ

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क्या आप जानते हैं? भगवान शिव की 5 रहस्यमयी पुत्रियाँ

क्या आप जानते हैं? भगवान शिव की 5 रहस्यमयी पुत्रियाँ


🔱 क्या आप जानते हैं? भगवान शिव की 5 रहस्यमयी पुत्रियाँ

शिव पुराण में वर्णित एक अद्भुत और अलौकिक कथा

जब भी भगवान शिव के परिवार की चर्चा होती है, तो सर्वप्रथम श्री गणेश और भगवान कार्तिकेय का नाम हमारे मन में आता है। कुछ लोग अशोक सुंदरी, ज्योति, मनसा देवी और जालंधर के विषय में भी जानते हैं।
लेकिन बहुत कम लोग यह जानते हैं कि महादेव की पाँच पुत्रियाँ भी थीं — जिनका उल्लेख शिव पुराण में अत्यंत रहस्यमयी रूप से मिलता है।

आज इस ब्लॉग में हम आपको भगवान शिव की उन पाँच नाग-कन्याओं के जन्म, उनके स्वरूप और उनसे जुड़े दिव्य वरदान की कथा बताएँगे।


📜 शिव पुराण में वर्णित है यह कथा

शिव पुराण के अनुसार एक समय भगवान शिव और माता पार्वती एक दिव्य सरोवर के तट पर ध्यान में लीन थे। उसी क्षण भगवान शिव के मुख पर एक मंद, करुण और रहस्यमयी मुस्कान प्रकट हुई।

उस मुस्कान से पाँच दिव्य मोती प्रकट हुए और सरोवर में गिर पड़े।
इन पाँच मोतियों से पाँच कन्याओं का जन्म हुआ।

लेकिन यह कन्याएँ सामान्य मानव रूप में नहीं थीं —
👉 वे नाग रूप में जन्मी थीं।
इसी कारण इन्हें नाग कन्याएँ कहा गया।


🕉️ महादेव का पुत्री-प्रेम

ध्यान में लीन होने के कारण माता पार्वती को प्रारंभ में इस दिव्य घटना का ज्ञान नहीं हुआ, लेकिन महादेव स्वयं सब जानते थे

जैसे वे गणेश और कार्तिकेय से स्नेह करते थे,
वैसे ही वे इन पाँच नाग पुत्रियों से भी अपार प्रेम करते थे।

हर दिन भोर काल के ब्रह्म मुहूर्त में भगवान शिव उन नाग कन्याओं के साथ खेलने सरोवर की ओर जाते थे।


🌺 माता पार्वती का संदेह और सत्य का उद्घाटन

एक दिन माता पार्वती को यह देखकर आश्चर्य हुआ कि महादेव प्रतिदिन इतनी भोर में कहाँ जाते हैं।
उन्होंने सत्य जानने के लिए भगवान शिव का अनुसरण किया।

जब माता पार्वती सरोवर पहुँचीं, तो उन्होंने देखा —
👉 भगवान शिव पाँच नाग कन्याओं को पिता की तरह स्नेह दे रहे हैं।

परंतु पत्नी-भाव से परिपूर्ण माता पार्वती के मन में यह भय उत्पन्न हुआ कि कहीं ये नाग कन्याएँ महादेव को हानि न पहुँचा दें
इसी आशंका के कारण उन्होंने उन कन्याओं का अंत करने का निश्चय किया।

भगवान शिव माता पार्वती की भावना समझ गए और उन्होंने उन्हें रोक लिया।

जब माता पार्वती ने प्रश्न किया, तब महादेव ने बताया —
वे पाँचों कन्याएँ स्वयं माता पार्वती की ही पुत्रियाँ हैं।

यह सत्य जानकर माता पार्वती का हृदय करुणा और मातृत्व से भर उठा।


🐍 भगवान शिव की पाँच नाग पुत्रियों के नाम

शिव पुराण के अनुसार भगवान शिव की इन पाँच नाग कन्याओं के नाम हैं:

  1. जया

  2. विषहर

  3. शामिलबारी

  4. देव

  5. दोतलि

ये सभी कन्याएँ नाग शक्ति, रक्षा, और समृद्धि की प्रतीक मानी जाती हैं।


🎁 महादेव का दिव्य वरदान

भगवान शिव ने अपनी इन पुत्रियों को एक विशेष वरदान दिया—

🔔 जो भी भक्त भगवान शिव की पूजा के साथ-साथ इन नाग कन्याओं की भी श्रद्धापूर्वक पूजा करेगा — उसके परिवार को कभी सर्पदंश का भय नहीं रहेगा।
🔔 उसके घर में धन-धान्य और समृद्धि की कभी कमी नहीं होगी।

इसी कारण कई स्थानों पर नाग पंचमी और शिव आराधना के साथ इन नाग देवियों की पूजा भी की जाती है।


🌿 निष्कर्ष

भगवान शिव केवल संहारक ही नहीं, बल्कि करुणामय पिता, स्नेही पति और संतुलन के देवता हैं।
उनकी पुत्रियों की यह कथा हमें सिखाती है कि
👉 शिव तत्व केवल विनाश नहीं, बल्कि रक्षा, प्रेम और संतुलन का भी प्रतीक है।


🔱 ओम नमः शिवाय 🙏

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